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'विरासत भी, विकास भी' : लोधेश्वर धाम से सीएम ने बाराबंकी को दी ₹542 करोड़ की सौगात

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मुख्यमंत्री ने 82 परियोजनाओं का किया लोकार्पण शिलान्यास लोधेश्वर धाम, केडी सिंह बाबू की विरासत और पारिजात के संरक्षण पर जोर विपक्ष पर सांस्कृतिक उपेक्षा और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

(बाराबंकी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव धाम से जिले को ₹542.41 करोड़ की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। रामनगर एवं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के साथ उन्होंने लोधेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन एवं अभिषेक किया। मंदिर में आदित्य व अनिल तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन संपन्न कराया। जिसके बाद सीएम ने निर्माणाधीन कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोधेश्वर धाम के भव्य कॉरिडोर, महादेवा रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली सड़क को फोरलेन बनाने तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, भाजपा प्रदेश मंत्री अवधेश श्रीवास्तव, राज्य मंत्री सतीश शर्मा, जिला प्रभारी मंत्री सुरेश राही, प्रभारी एमएलसी अवनीश सिंह पटेल, पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजा रानी रावत, एमएलसी अंगद सिंह, विधायक कुर्सी सकेंद्र प्रताप वर्मा, विधायक हैदरगढ़ दिनेश रावत, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी, रामनगर अध्यक्ष रामशरण पाठक, भाजपा नेता गौरीकांत दीक्षित व भाजपा नेता सिद्धार्थ अवस्थी, भाजपा नेता सुनील सिंह सेवक, ग्राम प्रधान अजय तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।

 लोधेश्वर धाम को मिलेगा भव्य कॉरिडोर, हाईवे से फोरलेन सड़क भी बनेगी

 मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान लोधेश्वर महादेव बाराबंकी की आस्था और पहचान के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है और इसे काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि महादेवा रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली सड़क का फोरलेन निर्माण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक मंदिर उपेक्षा का शिकार रहा। आजादी के बाद विकास की रोशनी यहां तक नहीं पहुंच सकी, जबकि अन्य कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराया जाता रहा। पूर्व की सरकार के लिए कब्रिस्तान की बाउंड्री करना ज्यादा जरूरी था। अब सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।


 केडी सिंह बाबू की हवेली बनेगी संग्रहालय, पारिजात संरक्षण पर भी जोर

 मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह 'बाबू' को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय उनकी हवेली बिकने की नौबत आ गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे बिकने से बचाया। अब हवेली को संरक्षित कर वहां केडी सिंह बाबू के नाम पर संग्रहालय (म्यूजियम) विकसित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके। उन्होंने पारिजात वृक्ष के संरक्षण को भी सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजना ही भविष्य की पीढ़ियों के प्रति दायित्व है।

 महापुरुषों को नमन, विरासत संरक्षण को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

 मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी विरासत और सनातन संस्कृति है। उन्होंने राजा बलभद्र सिंह चहलारी, लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह महाराज, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शंकर दयाल शुक्ला सहित क्षेत्र और देश की अनेक विभूतियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। उनकी विरासत को सुरक्षित रखना सरकार का दायित्व है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन मूल्यों की रक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से ही भारत की पहचान मजबूत होगी और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।

 विपक्ष पर निशाना, कानून-व्यवस्था और विकास मॉडल का किया उल्लेख

 मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सांस्कृतिक विरासत की अनदेखी की और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी शोभायात्रा, जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की मानसिकता थी, जबकि वर्तमान सरकार सभी धार्मिक आयोजनों को सुरक्षा और सम्मान के साथ संपन्न करा रही है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती थी और महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा चिंता का विषय थी, लेकिन अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में अवैध कट्टे और बम बनाने का कारोबार होता था, जबकि आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और विरासत संरक्षण की नई पहचान बन चुका है।

 लाभार्थियों को सहायता, बच्चों का अन्नप्राशन और दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल

 मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया, उन्हें खिलौने और चॉकलेट वितरित की तथा स्थानीय बच्चों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल प्रदान की और बाराबंकी के विकास पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। शिवशंकर वर्मा एवं छाया देवी को कृषि यंत्र योजना के तहत चाबी, प्रमाणपत्र और ₹4-4 लाख के चेक दिए गए। मोहसिन मतीन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत ₹10 लाख, जबकि मुकेश कुमार को ₹3.10 लाख का चेक प्रदान किया गया। शांति देवी को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई टूलकिट, नितेश वर्मा को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ₹5 लाख, मो. आलम को ओडीओपी योजना के अंतर्गत ₹21 लाख, हेमकरण माथुर को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹3.90 करोड़ से अधिक, हर्षिता वर्मा को ₹15 लाख, तथा प्रमेंद्र विक्रम सिंह को मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत ₹11.80 लाख से अधिक का चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा आरती देवी और गायत्री देवी को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्वीकृति पत्र दिए गए, जबकि आरती एवं अशोक कुमारी सिंह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सामुदायिक निवेश निधि के लिए ₹3.19 करोड़ से अधिक का चेक सौंपा गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने लोधेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना, अभिषेक और आरती से की। मंदिर परिसर में डमरू वादन के बीच उनका स्वागत किया गया। उन्होंने निर्माणाधीन कॉरिडोर का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाराबंकी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 पूर्व सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप, अपनी सरकार की परियोजनाओं का उदाहरण 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर विकास परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में गोमती नदी किनारे जयप्रकाश नारायण स्मारक का निर्माण करीब ₹200 करोड़ में होना था, लेकिन इस पर ₹864 करोड़ खर्च होने के बाद भी परियोजना अधूरी रह गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का अनुमानित बजट ₹15,200 करोड़ था, जबकि उनकी सरकार ने इसे करीब ₹11,800 करोड़ में पूरा कराया। उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जिस परियोजना की लागत करीब ₹167 करोड़ होनी चाहिए थी, उस पर लगभग ₹1,700 करोड़ खर्च कर दिए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, गुणवत्ता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

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